Diwali 2021
Diwali 2021: Know what is the mythological significance of Dhanteras, Narak Chaturdashi, Diwali, Govardhan Puja and Bhai Dooj

Diwali 2021 : जानिए धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज का क्या है पौराणिक महत्त्व

Diwali 2021 : हिंदू धर्म में Diwali का त्योहार बहुत हर्षोल्लास और जोश के साथ मनाया जाता है। कई दिन पहले से ही लोग दिवाली की तैयारियों में जुट जाते हैंI घरों में साफ-सफाई की जाती है I दीपावली का त्योहार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर मनाया जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक अमावस्या तिथि पर भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर और लंकापति रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे। जिसकी खुशी में सारे अयोध्यावासियो ने पूरे नगर में अपने राजा प्रभु राम के स्वागत में दीप जलाकर उत्सव मनाया था। इसी कारण से तब से ये परंपरा चली आ रही है। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व भी होता है। इस दिन शाम और रात के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा की जाती है। धनतेरस दिवाली का पहला दिन माना जाता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी फिर दिवाली, गोवर्धन पूजा और आखिरी में भैयादूज का त्योहार मनाया जाता है।

Diwali 2021: कार्तिक मास की अमावस्या (Kartik Month Amavasya) के दिन दिवाली का त्योहार (Diwali Festival 2021) मनाया जाता है. देशभर में बड़े ही धूम-धाम के साथ दिवाली मनाई जाती है I इस बार दिवाली का त्योहार 4 नवंबर, 2021 बृहस्पतिवार (Diwali On 4th November) के दिन हैI इस दिन मां लक्ष्मी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है I मां लक्ष्मी का आशीर्वाद और कृपा पाने के लिए लोग इस दिन कई उपाय करते हैंI ताकि सालभर मां की कृपा भक्तों पर बनी रहे और घर में सुख-समृद्धि बनी रहेI ऐसा माना जाता है कि मां लक्ष्मी दिवाली के दिन घर में प्रवेश करती हैंI और सालभर घर में खुशियां बरसाती हैं I

धनतेरस 2021: Dhanteras 2021 खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन

हिंदू पंचांग के अनुसार धनतेरस का त्योहार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर मनाया जाता है। धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं पांच दिवसीय दीपावली का पहला दिन होता है। मान्यता तो यह है कि इस दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण से ही हर वर्ष धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाती है। कहा जाता है जो भी व्यक्ति धनतेरस के दिन सोने-चांदी, बर्तन, जमीन-जायजाद की शुभ खरीदारी करता है उसमें तेरह गुना की बढ़ोत्तरी होती है। इस साल 02 नवंबर 2021 ,मंगलवार को धनतेरस का त्योहार है।

नरक चतुर्दशी 2021: Narak Chaturdashi 2021

नरक चतुर्दशी धनतेरस के अगले दिन मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। नरक चतुर्दशी को कई और नामों से भी मनाया जाता है जैसे- रूप चौदस, नरक चौदस और रूप चतुर्दशी आदि। दिवाली से पहले मनाए जाने के कारण इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। घर के कोनों में दीपक जलाकर अकाल मृत्यु से मुक्ति की कामना की जाती है।इस वर्ष नरक चतुर्दशी का त्योहार 03 नवंबर 2021, बुधवार को मनाया जाएगा।

महापर्व दिवाली और महालक्ष्मी पूजा 2021: Diwali 2021 lakshmi Puja

DIWALI को प्रकाश उत्सव भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन प्रदोष काल होने पर दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन करने का विधान है। Diwali पर घरों को दीये और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। Diwali की शाम को शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, मां सरस्वती और धन के देवता कुबेर की पूजा-आराधना होती है। मान्यता है कि दिवाली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और घर-घर जाकर ये देखती हैं किसका घर साफ है और किसके यहां पर विधिविधान से पूजा हो रही है। माता लक्ष्मी वहीं पर अपनी कृपा बरसाती हैं। Diwali पर लोग सुख-समृ्द्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करते हैं। इस वर्ष 04 नवंबर 2021 को पूरे देश और विदेश में दीपावली का पर्व मनाया जाएगा।

गोवर्धन पूजा 2021: Govardhan Puja 2021

गोवर्धन पूजा Diwali के अगले दिन मनाया जाता है।  हिदूं पंचांग के अनुसार गोवर्धन का त्योहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट भी किया जाता है। इस त्योहार में भगवान कृष्ण के साथ गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा का विधान है। इसी दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग चढ़ाया जाता है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा 05 नवंबर 2021 को है।

भाई दूज 2021: Bhai Dooj 2021

भाई दूज पांच दिवसीय दीपावली पर्व के आखिरी दिन का त्योहार होता है। भाई दूज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की मनोकामनाएं मांगती हैं। इस त्योहार को भाई दूज या भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया कई नामों से जाना जाता है। इस बार यह 06 नवंबर को है।

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